त तप करने वाले तपस्वी , मधुर स्वल्हारियाँ से बिखरते पांच बैंड, पांच हाथी, घोड़े, नृत्य करती अनेक मंडलियाँ, ढोल वादक, शेहनाई, अनेक ऊंट गाड़ियां, रावण हत्था मशक वादक, शिबिका , आध्यात्मिक आभा भिखारते हुए साधू-साध्वी के चित्रों से सजी गाड़ियां , १०८ कलशधारी ,श्राविकाए एवं अनुकंपा वाहन शामिल रहे| जैनम जयति शासनं और जय जिरावला के जयकारे से गूंजायमन रहे| तीर्थ अध्यक्ष रमणलाल जैन समेत समस्त ट्रस्टी एवं कई अतिथि उपस्थित थे|

** फलेचुनदड़ी का आयोजन

मोहत्सव के तहत शाही करबे का लाभ तवाव निवासी श्रीमती पंखुबाई कपूरचंदजी वोरा, प्रतिष्ठा की लापसी से विविध व्यंजनों की साधर्मिक भक्ति करने का लाभ मांडवला निवासी संघवी मुथा मोहनलालजी रघुनाथमलजी, परमात्मा को वधाने और हाथी पर तोरण का लाभ निम्बज निवासी धापूबाई रघुनाथमलजी मुथा, वृहद शांतिस्नात्र महाविधान शाह अचलचंदजी राजेंद्रकुमारजी परमार, हेलीकाप्टर से पुष्पवृष्टि का लाभ भंडार निवासी वैसीबेन उत्तमचंदजी चोवटिया परिवार ने लिया| स्वर्ण मुद्रा से भेरुतारक तीर्थ के संस्थापक संघवी भेरुमलजी हकमाजी मालगांव एवं कांबली से असुबेन रघुनाथमलजी दोषी दिल्ली की ओर से गुरु भगवंतों का बहुमान किया गया|

** तपस्वियों का अभिनन्दन

अंजनशलाका-प्रतिष्ठा मोहत्सव को निर्विघ्न रूप से सफल करने एवं मोहत्सव को सूक्षम बल प्रदान करने की भावना से कई गुरु भगवंत व श्रावक-श्राविकाओं ने तपस्याएँ की| उसी दिन उनका पारणा हुआ| ट्रस्ट मंडल की ओर से इनकी अनुमोदना व अभिनन्दन किया गया|

** मुख्यमंत्री ने कहा में गौरवान्वित हुई

प्रतिष्ठा मोहत्सव को लेकर मुख्यमंत्री भी जीरावला पहुंची तथा पार्शवनाथ प्रभु के दर्शन किये| वाराणसी नगरी में गुरु भगवंतों से आशीर्वाद लेकर ट्रस्ट मंडल को इस वृहद आयोजन को लेकर धन्यवाद दिया| कहा की इस आयोजन का हिस्सा बनकर मई गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ| ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष रमणलाल जैन ने उनका स्वागत किया| उपाध्यक्ष संघवी मुथा ने तीर्थ की विहंमता का परिचय जिरावला प्रभु के नाममंत्र की महिमा बताई| क्षेष्ठीवर्य रसिकलाल एम. धारीवाल का मुख्यमंत्री ने तिलक लगाकर अभिनंदन किया| इस दौरान गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया भी मौजूद रहे| सचिव प्रकाश के संघवी ने उनका स्वागत किया| जीरावला ट्रस्ट मंडल की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में ५१ लाख रुपये का चेक सुपर्द किया|