Lalitprabhashreeji

Sa. Shree Lalitprabhashreeji “Lahero Maharaj”

 

गोडवाड़ दीपिका सा. श्री ललितप्रभाश्रीजी “लहेरो महाराज”

Saadhviji Shree Laliprabhashreeji marasaheb(Lahera Marasheb)

जन्म: वीर सं. २४६६ , शाके १८६१, वि. सं. १९९६. माघ सुदी ५, (वसंत पंचमी) फ़रवरी, १९४०

जन्म नाम : लेहरोबेन, जन्म स्थान : रानीगाँव

माता: अनछीबाई(अंसीबाई) , पिता: श्री हीराचंदजी खांटेड

शादी : रोडला(भूति) निवासी श्रीमान जसराजजी रतनचंदजी पुनमिया

शादी होने के बाद बारात वापस लौटते समय रास्ते में ही पति का स्वर्गवास|

सं. २००९ जेठ सुदी ९, कुंवारी १. शादी के प्रथम दिन कु. लेहरोबेन थी|

सं. २००९ जेठ सुदी १० विवाह २. शादी के बाद (शादी के दिन) सौ. लेहरोबेन |

सं. २००९ जेठ सुदी ११ विधवा ३. शादी के बाद तीसरे दिन श्रीमती लहेरोबेन हो गई|

अर्थात जीवन में तीन भव देखे-कुंवारी , सौभाग्यवती, विधवा| अपने जीवन के कष्टों को मुक्ति दिलाने कालांतर में आपने संयम मार्ग स्वीकारा| दीक्षा : वीर नि. सं. २४८४ शाके. २४८४ शाके. १८७९ वि. सं. २०१४ आषाढ़ वदी १०, जुन १९५८ दीक्षा प्रदाता गुरु : पु.मु. श्री मंगलप्रभविजयजी, गुरु : सा. श्री सुशीलाश्रीजी, गुरुणी : सा. श्री भक्तिश्रीजी |

नामकरण : सा. श्री ललितप्रभाश्रीजी म. सा. उर्फ़ लहेरो महाराज

तीर्थ निर्माण : श्री शंकेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ धाम (लहेरो धाम) बिरामी ढाणी(राज.)

शीषयरत्ना : दीक्षा लेते समय ३ साध्विया थी| आज शिष्या-प्रशिष्या कूल १४० साध्वियो का सबसे बड़ा परिवार है|

पद : “गोडवाड़ दीपिका , शासन ज्योति” |