Itandra

ईटन्दरा(मेडतियान)

आन-बान-शान के लिए अपनी जान तक न्योछावर करने को तत्पर शूरवीरों से शोभायान मरुधर की पावन भूमि के पाली जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.१४ पर, जैतपुर चौराहा से वाया खौड़-जवाली १६कि.मी., जोधपुर-उदयपुर मेगा हाईवे नं. ६७ पर बुसी से १० की.मी. सोमेसर रेलवे स्टेशन से ८ की.मी. एवं नजदीक के जवाली रेलवे स्टेशन से मात्र २ की.मी. दूर, अरावली पर्वतमाला की श्रुंखला में जवाली की पहाड़ियों से जुड़ा व नदी के किनारे एक गांव बसा है – “ईटन्दरा” |

गांव के बीचोबीच दो मंजिले गृह मंदिर पर शोभायान नूतन चौरस घुमटबंध शिखर, आकर्षक जिनप्रसाद की प्रथम मंजिल पर नूतन प्रतिष्ठा मोहत्सव में मुलनायक श्वेतवर्णी, १५इन्चि , पद्मासनस्थ,१२वे तीर्थंकर, पंचकल्याणक चंपापूरी के राजा, परमात्मा श्री वासुपूज्य भगवान सह श्री आदिनाथजी,श्री शीतलनाथजी आदि जिनबिंबो की अंजनशलाका प्रतिष्ठा व वीर नं.सं. २५०३, शाके १८९८, वि.सं.२०३३, ज्येष्ठ कृष्ण ७, सोमवार ,जून १९७७ को गोडवाड़ रत्न पू.आ. श्री जिनेंद्रसूरीजी के पट्टधर प्रतिष्ठा शिरोमणि पू.आ. श्री पद्मसुरिश्वर्जी आ. ठा. की पावन निश्रा में, विधि-विधान से शुभ मुहूर्त महामोहत्सव पूर्वक व हर्षोल्लास से संपन्न हुई| इस अवसर पर पूर्व के प्राचीन मुलनायक महाराजा सम्प्रतिकालीन चांदनी से शोभायान ८वे तीर्थंकर श्री चंद्रप्रभस्वामी सह श्री सुविधिनाथ(इनकी अंजनशलाका गांव बीसलपुर प्रतिष्ठा पर हुई थी|),श्री विमलनाथ प्रभु की प्रतिष्ठा जिनालय की दूसरी मंजिल पर संपन्न हुई| अधिष्ठायकदेव की स्थापना सं. २०३३, ज्येष्ठ शुक्ल १० को पू. आ. श्री पद्मसूरीजी के हस्ते हुई|श्री सेठ आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी द्वारा ६० वर्ष पूर्व प्रकाशित “जैन तीर्थ सर्वसंग्रह” ग्रंथ के अनुसार, श्री संघ ने गांव के मुख्य बाजार में, शिखरबद्ध जिनालय का निर्माण करवाकर, वीर नि.सं. २४२०, शाके १८९५ , ई.सन १८९४, वि.सं. १९५० में मुलनायक श्री चंद्रप्रभु स्वामी(संप्रतिकालीन) सह पाषण की ३ व धातु की एक प्रतिमा को विराजमान किया| ६० वर्ष पूर्व ८८ जैन, एक धर्मशाला व एक उपाश्रय था|

ईटन्दरा : श्री विजयराजजी परमार की अध्यक्षता में श्री वासुपूज्य जैन सेवा समिति यहाँ की संलग्न संस्था है| श्रीमान् शा. विजयराजजी मुलतानमलजी परमार परिवार ने विशाल, नूतन सुविधायुक्त जैन अतिथि भवन का निर्माण करवाकर हाल ही में दी. २४-१२-२०१२ को पू.आ. श्री पदम्सूरीजी व पू. आ. श्री नित्यानंदसूरीजी आ. ठा. की पावन निश्रा में, उद्घाटन करवाकर, श्री संघ ईटन्दरा के सुपुर्द किया| गांव में १०वि तक स्कूल, अस्पताल , दूरसंचार, पोस्ट, ढारिया बांध से सिंचाई इत्यादि साड़ी सुविधाएं है| गांव में अनेक हिंदू मंदिर भी है| प्रतिवर्ष जेठ वदी ७ को श्री चंपालालजी रतनचंदजी गांधी परिवार ध्वजा चढाते है|

वर्तमान में ८१ जैन घरों की ३५० जनसंख्या है| ग्राम पंचायत ईटन्दरा की कुल जनसंख्या १२०० के करीब है|