Shree Aadinath Jain Mandir – Saidapeth (Chennai)

श्री आदिनाथ जैन मंदिर – सैदापेट

 

चेन्नई शहर का प्रसिद्ध उपनगर सैदापेट जो चेन्नई सेंट्रल स्टेशन से १० की.मी. की दुरी पर स्थित है| यह क्षेत्र तमिल जन-जाती की आस्था और श्रद्धा का मुख्य केंद्र है| यहाँ ” करनीश्वर इश्वरण ” का प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर है| स्थानीय लोगों की मान्यता है की यहाँ मन्नत माँगते से कार्य की सिद्धि होती है| अतएव यह मंदिर क्षेत्रीय लोगों में काफी लोकप्रिय है|

सैदापेट का नजदीकी क्षेत्र गिंडी भी प्रसिद्ध आधौगिक क्षेत्र है, जहाँ बहुतायत में आई.टी. पार्क व नानाविध प्रतिष्ठान है, यहाँ ठहरने के लिए हॉस्टल आदि की भी सुव्यवस्था है| आस-पास के क्षेत्रों में जाने के लिए यहाँ कलेंजर आर्च, प्रमुख सुविधाजनक बस स्टैंड है, साथ ही सब-कोर्ट भी इसी क्षेत्र में स्थित है| ५-१० मिनट की दुरी पर गाँधी मंडप, एना यूनिवर्सिटी, एना लाइब्रेरी, बिरला प्लैनेटेरियम आदि प्रमुख स्थल बरसों से इस क्षेत्र की शोभा बढ़ा रहा है|

यहाँ मुलनायक प्रथम तीर्थंकर परमात्मा श्री आदिनाथ भगवान का भव्य जिनालय है| मुलनायक श्री आदिनाथ की श्वेत संगमरमर पाषण से निर्मित, यह प्रभु प्रतिमा अति सुन्दर है, अलौकिक है| प्रथम दर्शन में ही भक्त को मन्त्र मुग्ध कर देने वाले ये प्रभु २१ इंच काय युक्त है| मुलनायकजी के दायी ओर २१ इंच काययुक्त श्वेत पाषण से निर्मित श्री शीतलनाथ भगवान की तथा बायीं ओर २१ इंच काय युक्त है| मुलनायकजी के दायी ओर २१ इंच काययुक्त श्वेत पाषण से निर्मित श्री शीतलनाथ भगवान की तथा बायीं ओर २१ इंच काय  युक्त श्वेत संगमर्मर पाषण से निर्मित श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा पद्मासनस्थ शोभायमान है| ये परमात्मा प्रशमरस का पान करवाने वाले अति मोहक व सुंदर है| प्रतिमाजी का स्वरुप दिव्यतम जान है|

इस जिनालय की प्रतिष्ठा चतुर्विध संघ की साक्षी में प.पू. आचर्य देव श्रीमद् विजय कलापूर्णसुरिश्वर्जी म.सा. के पावन कर कमलों से सुसंपन्न हुई|वि.सं. २०५१, वैशाख सुदी १३, दिनांक २३.५.१९९४, सोमवार के शुभ मंगल दिन ठाठ-बाठ, हर्षोल्लास से प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ|

धार्मिक कार्यों हेतु तथा साधू-साध्वी और साधकों के लिए ४०० वर्ग फीट का सुविधाजनक उपाश्रय भी है| उपाश्रय के साथ ही स्थानक भी है, जहाँ यात्रियों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है |

प.पू. आचार्य देव श्रीमद् विजय कलापूर्णसुरिश्वर्जी म.सा. के आशीर्वाद तथा कृपा से श्रीमान् मिलापचंदजी कैलाशचंदजी शिखरचंदजी नाहर परिवार ने स्वद्रव्य से सिर्फ ३३ दिन में मंदिर बनवाकर, श्री संघ को समर्पित किया तथा श्री संघ ने बड़े हर्षोल्लास से श्री आदिनाथ जिनालय की प्रतिष्ठा करवाई| यहाँ संघ में ज्ञानशाला बनाने का कार्य विचारधीन है|

 

श्री श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ (श्री आदिनाथ जैन मंदिर)

नं. १८, धर्मराजा कोइल स्ट्रीट, सैदापेट, चेन्नई – ६०० ०१५

संपर्क : २४३५ ६६४५ / २४३३ २०४३ / ९८४०१ ७३०९६