Shree Aadinath Jain Mandir – Perambur (Chennai)

श्री आदिनाथ जैन मंदिर – पेरम्बुर

 

चेन्नई के नजदीकी उपनगरों में एक प्रसिद्ध उपनगर है “पेरम्बुर”| यहाँ युगादिदेव तीर्थंकर परमात्मा श्री आदिनाथ भगवान का भव्य जिनालय स्थित है| मुलनायक प्रथम तीर्थंकर आदेश्वर दादा की श्वेत पाषण से निर्मित १५ इंच देहप्रमाण युक्त प्रतिमा पद्मासनस्थ में शोभायमान है| ये परमात्मा करुणा का मंगल स्तोत्र है, इस निर्मल सरिता में स्नान कर भक्तगण अपने कर्म-मैल को धो डालते है|सम्पूर्ण जिनालय में व्याप्त प्रभुजी के पावन परमाणु, हर दर्शनार्थी में शुभ भावों का सृजन करती है| शिवपुर के सरताज प्रभु का जिनबिंब परम आह्लादक है, एक अपूर्व शांति का स्तोत्र है|

मुलनायक परमात्मा के दायें-बायें श्री सुमतिनाथ प्रभु तथा श्री वासुपूज्यस्वामी की ११ इंच देहप्रमाणयुक्त, श्वेत शुभवर्णी सौम्य प्रतिमा पद्मासनस्थ विराजित है| भावुक भक्त इन परमात्मा के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते है|

२०० वर्ग फीट माप्वाले रंगमंड़प में श्री पद्मावती माता, श्री घंटाकर्ण महावीर, श्री मणिभद्रवीर, श्री नाकोड़ा भैरव की प्रतिमाएं प्रतिष्ठित है| प.पू. दादा गुरुदेव श्री जिनकुशलसुरिश्वर्जी म.सा. की प्रतिमा मूलगम्भारे के पीछे कक्ष में स्वतंत्र देवकुलिका में शोभायमान है|

इस द्विमंजिले जिनालय के प्रथम खण्ड में तीर्थंकर परमात्मा श्री शंखेश्वर पर्शवंथ प्रभु की अत्यंत मनोहारी प्रतिमा विराजमान है| श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ परमात्मा की प्रतिष्ठा सन १९९९ में प.पू. आचार्यदेव श्रीमद् विजय स्थूलभद्रसुरिश्वर्जी म.सा. की शुभनिश्रा में संपन्न हुई| श्री पेरम्बुर शंखेश्वर पार्शवनाथ की यह प्रतिमा दिव्य तथा महाचमत्कारिक है|

विशेष अवसरों तथा पर्व – तिथियों में स्नात्र पूजा मोहत्सव का आयोजन होता है| मंदिरजी में पूजा-दर्शन का समय प्रात: ६ बजे से मध्यन्ह १२ बजे तक एवं सायं ५ से ८ बजे तक रहता है| नित्य परमात्मा दर्शन वाले दर्शनार्थियों की संख्या करीब ५० अक रहती है और लगभग १० भक्तगण परमात्मा की पूजा-सेवा से लाभान्वित होते है, हर पूनम को परमात्मा की भव्यतिभव्य अंगरचना होती है|

इस जिनालय का निर्माण गुन्दोज निवासी नगरसेठ सिंघ्ची श्री पुखराजजी सालेचा परिवारवालों ने आत्म कल्याणार्थ करवाया| उनकी धर्मपत्नी झमकूबाई सालेचा का पेरम्बुर में जिनमंदिर निर्माण का प्रबल सपना था, जो पुण्योदय से फलीभूत हुआ|

मात्रु-पितृ स्मृति में ३००० वर्ग फीट माप वाला, “श्रीमती झाम्कुबाई सालेचा भवन” निर्मित किया गया है| इस उपाश्रय में श्रमण-श्रमणीवृन्दो का पदापर्ण होता रहता है| सर्व सुविधायुक्त यह उपाश्रय-धार्मिक सामजिक, सर्वहितार्थ कार्यों हेतु उपयोग में लिया जाता है|

हर वर्ष दादा श्री जिनकुशलसूरीजी म.सा. की जयंती मनाई जाती है| प्रभु भक्ति, पर्युषण आराधना, आई कैंप, ब्लड डोनेशन आदि जिनशासन व मानव सेवा के सतकार्य भी अवसरानुसार होते रहते है|

 

श्री पेरम्बुर जैन मूर्तिपूजक संघ

नं. ६२, तोलसिंगम स्ट्रीट, पेरम्बुर, चेन्नई – ६०० ०११

संपर्क : २५५१ ५२५२ / ९३८१० ०२२२९