Shree Aadinath Jain Mandir – Jai Jinendra Apartment

श्री आदिनाथ जैन मंदिर – चूलै

 

महानगरी चेन्नई के सुविख्यात क्षेत्र चुलै की बृहद नगरी के बीचों बीच कालातियप्पा स्ट्रीट में बसे जय जिनेन्द्र अपार्टमेंट में मुलनायक तीर्थंकर परमात्मा श्री आदिनाथ भगवान की महाप्रभावी जिनालय अवस्तिथ है| करीब १२३ वर्ष प्राचीन श्री आदेश्वर दादा की प्रतिमा यहाँ विराजमान है| यह प्रतिमा विश्व पूज्य, महँ योगिराज आचार्य श्री शान्तिसुरिश्वर्जी म.सा. के करकमलों से बामनवाडा तीर्थ (राज.) में अंजन की हुई है| वहां से इन प्रतिमाजी को अत्यंत अहोभावपूर्वक लाकर इस देवकुटियाँ में विराजित किया गया|सुविशाल जिनालय , अपार्टमेंट निर्माता परिवार द्वारा सवाद्रव्य से बनाया गया और संघ को देवदर्शनार्थ सौपा गया| माता-पिता की स्मृति स्वरुप निर्मित यह जिनालय,चुलै नगर के आस्थावानों का विशेष श्रद्धा- केंद्र है|

प्रभुजी के मुख मंडल की तेजस्विता अंतर के अंधकार को तिरोहित करती है| श्वेतवर्णीय २१ इंच देहप्रमान युक्त यह प्रतिमा प्रकट प्रभावी है| ये महिमाशाली – महापरमेश्वर संसार-सागर पार उतरने की भावना वाले भावुक, संवेदनाशील भक्तों को आकर्षित करते है| हृदय के कोने-कोने को उज्जवल बनाने वाले ये आदेश्वर दादा का ध्यानस्थ जिनबिंब ह्रदय-पटल पर अमिट छाप छोड़ता है| अदितीय तेजपुंज से पूरित परमात्मा की प्रभावकता, चूलै नगर वासियों को प्रितिकारक है|

मूल गंभारे में प्रभुजी के दायी-बायीं ओर श्री नेमिनाथ भगवान तथा श्री सुपार्शवनाथ परमात्मा पद्मासंस्थ विराजमान है| श्वेतवर्णीय १७ इंच कायायुक्त ये परमात्मा की मूरत मनोहारी है| मूल गंभारे के बहार शांत-प्रशांत रंग्मंड़प की शोभा न्यारी है| श्वेतवर्णीय २१ इंच कायायुक्त श्री गणधर गौतम स्वामी की प्रतिमा विराजमान है| एक गोखले में शासनदेव श्री गोमुख यक्ष तथा एक अन्य गोखले में शासनदेवी श्री चकेश्वरी  देवी प्रतिष्ठित है|

इस प्रभावी जिनालय की प्रतिष्ठा वि.सं. २०५६, माघ सुदी ६, दिनांक ११-२-२००० , शुक्रवार के शुभ दिन प.पू. पंजाब केसरी आचार्यदेव श्रीमद् विजय रत्नाकरसुरिश्वर्जी म.सा. के सुहास्ते हर्षोल्लास से संपन्न हुई, चतुर्विध संघ तथा विशाल जन समुदाय की उपस्थिति में उत्साह उमंग तथा ठाठ-बाट से प्रतिष्ठा मोहत्सव का आयोजन हुआ| प्रतिष्ठा के एक ही वर्ष के दरम्यान प्रभुजी के अंगूठे से वासक्षेप वर्षा हुई, ये प्रतिमाजी के चमत्कार का प्रत्यक्ष प्रमाण है|

संघ में १००० वर्ग फीट का एक सुन्दर उपाश्रय है| सर्व -सुविधायुक्त साताकारी इस उपाश्रय में जप-तप, सामयिक,स्वाध्याय, प्रतिकमण आदि अनेक धार्मिक आयोजन होते रहते है| श्रमण-श्रमणीवृन्दो का पदापर्ण,प्रवचन,श्रवण आदि अनेक सुकृत्यों के आयोजन यहाँ होते रहते है| बाल-मानस में धार्मिक शिक्षण तथा सद्संस्कारों के निर्माण हेतु धार्मिक पाठशाला है. जहाँ बच्चों में सुशिक्षा का बीजारोपण बखूबी किया जाता है|

 

श्री आदिनाथ जैन संघ ” जय जिनेन्द्र अपार्टमेंट”

नं.२-६, केलि लेन, कालातियप्पा स्ट्रीट, चुलै, चेन्नई – ६०० ११२

संपर्क : २६४० १३९५ / ९८४०७ ८५९९१