Aa. Shree Purnanandsuriji Marasahebji

Aa. Shree Purnanandsuriji Marasahebji

 

 

२१ वर्षीतप तपस्वी-ज्योतिशाचार्य-सादड़ीरत्न

आ. श्री पूर्णानंदसूरीजी म.सा.

 

purnanandsuriji

जन्म : सादड़ी – वि.सं. १९५५ कार्तिक वदी १३

पिता : सौभाग्यशाली , माता : वरदबाई

जन्म नाम : पूनमचंद , दीक्षा : वडोदरा -वि.सं. १९३८ माघ वदी१३ , उम्र : १३

प्रदाता : आ. श्री वल्लभसूरीजी व गुरु : आ. श्री ललितसुरीजी , नामकरण : मुनि श्री पूर्णानंद विजयजी ,

गणी व पंनयास पद : कपडगंज में सैम. १९९७ में , उपाध्याय पद : वडोदरा : में सैम. २००८ फा. सु. १ , गुरूवार को प्रात : ८:४० के सिद्धियोग में आ. श्री वल्लभसूरीजी द्वारा प्रदान , साथ में समुद वि. को भी |

आचार्य पद : पुणे  में वि. सं. २०१० को आचार्य पद से अलंकृत व् आ. श्री पूर्णानंदसूरीजी नामकरण , भायखला में गुरु आ. श्री वल्लभसूरीजी समाधि मंदिर की प्रतिष्ठा आपश्री के वरदहस्ते |

जन्मभूमि सादड़ी में अनेक चातुर्मास , प्रेरणा व हस्ते करीब २५ उपधान , अनेक अंजनशलाका प्रतिष्ठा , दीक्षाए आदि शासन कार्य | दक्षिण भारत का प्रथम उपधान ने मद्रास(चेन्नई) के समीप केशरवाडी तीर्थ पर करवाया था|

स्वर्गवास : ८१ वर्ष की उम्र में ताखतगढ़ में वि.सं. २०३४ वै. वदी १४ रविवार दी. १५ अप्रिल १९७८ के दिन समाधि कालधर्म पाए|

अंतिम संस्कार : दुसरे दिन वै. वदी ३० (अमावस्या) , सोमवार दी. ५.६.१९७८ को “कर्मभूमि उम्मेदपुरतीर्थ” में,

शिष्यरत्न : आ. श्री प्रकाशचंद्रसूरीजी व सादड़ीरत्न आ. श्री ह्रींकारसूरीजी म.सा.