Shree Mahavirswami Bhagwan

श्री महावीर स्वामी भगवान

 

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24. Shree Mahavirswami Bhagwan

 

महावीर : चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म नाम वर्धमान,पिता का नाम सिद्धार्थ तथा माता का नाम त्रिशला(प्रियंकारिनी) था।

आपका जन्म चैत्र शुक्ल की त्रयोदशी के दिन कुंडलपुर में हुआ था। मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की दशमी को आपने दीक्षा ग्रहण की तथा वैशाख शुक्ल की दशमी के दिन कैवल्य की प्राप्ति हुई।

42 वर्ष तक आपने साधक जीवन बिताया। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन आपको पावापुरी पर 72 वर्ष में निर्वाण प्राप्त हुआ।

जैन धर्मावलंबियों अनुसार आपका प्रतीक चिह्न- सिंह, चैत्यवृक्ष- शाल, यक्ष- गुह्मक, यक्षिणी- पद्मा सिद्धायिनी।


प्रभु के नाम करण में गर्भित रहस्य 

महावीर स्वामी : प्रभु के गर्भ में आगमन के साथ हर प्रकार से राज्य व रिद्धि – सिद्धि में अभिवृद्धि होने से प्रभु का नाम वर्धमान रखा गया तथा प्रभु ने बाल्य वय में आमलकी क्रीडा में देव को भी परास्त कर दिया था अत: प्रभु का नाम “महावीर” रखा गया |


Father’s Name———————– Siddhartha
Mother’s Name———————–Trisala
Birth Place—————————–Kundalpur
Birth Thithi—————————Chitra Sukla 13
Diksha Thithi———————— Marghshirsh ku  10
Kevalgyan Thithi——————- Baishak ku.10
Naksharta—————————-   Hasthotar
Diksha Sathi ————————– Ekaki
Shadhak Jeevan——————— 42 years
Age Lived—————————— 72 years
Lakshan Sign ————————  Lion
Neervan Place———————— Pavapuri
Neervan Sathi ———————— 0
Neervan Thithi———————-Kartik ku  15
Colour———————————–Golden Yellow

 


 श्री महावीर स्वामी भगवान की माता त्रिशला को १४ स्वप्न

5

हाथी

1

ऋषभ

13

केशरी सिंह

8

लक्ष्मी

2

फूलमाला

10

चंद्रमा

6

सूर्य

9

ध्वज

12

कुम्भ कलश

4

पद्मा सरोवर

3

शीर समुन्द्र

7

भुवन विमान

14

रत्न राशी

11

अग्नि शिखा


***** जिन दर्शन स्तुति (Jin Darshan Stuti)*****

वीरो वरो वाहिहरो बुहेसो,

सो वद्धमाणो चरमो जीनेसो |

बुद्धिकरो सासणसुद्धिकारी ,

राईन्दसूरी मम सिद्धिकारी |

इसका अर्थ है : परम व्याधियों को हरने वाले, पंडितों में इश्वर समान चरम जिनेश्वर श्री वीर,(जो राजा-मुनि-मुनियों के इन्द्र गणधर, उनके भी स्वामिश्री) वर्धमान प्रभु ऐसे मुझे बुद्धिकारक , शासन सुद्धिकारक सिद्धि दायक हो |