Sree Vimalnath Bhagwan

श्री विमलनाथ भगवान

 

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13. Shree Vimalnath Bhagwan

 

विमलनाथ : तेरहवें तीर्थंकर विमलनाथ के पिता का नाम कृतर्वेम तथामाता का नाम श्याम देवी (सुरम्य) था।

आपका जन्म मघा शुक्ल तीज को कपिलपुर में हुआ था।

मघा शुक्ल पक्ष की तीज को ही आपने दीक्षा ग्रहण की तथा पौष शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन कैवल्य की प्राप्ति हुई।

आषाढ़ शुक्ल की सप्तमी के दिन श्री सम्मेद शिखर पर निर्वाण प्राप्त हुआ।

जैन धर्मावलंबियों अनुसार आपका प्रतीक चिह्न-शूकर, चैत्यवृक्ष- पाटल, यक्ष- पाताल,यक्षिणी- गांधारी।


प्रभु के नाम करण में गर्भित रहस्य 

विमलनाथ : प्रभु के गर्भ में आने के प्रभाव से प्रभु की माता ने अपनी विमल निर्मल बुद्धि से कलह का निवारण किया था – अत: प्रभु का नाम “विमल” रखा गया|

 

Father’s Name —————– Kritaverma
Mother’s Name—————–Shyam  Devi
Birth Place———————–Kampilpur
Birth Thithi ———————Magh su 3
Diksha Thithi —————— Magh su 3
Kevalgyan Thithi ————–Paush su 6
Naksharta ————————Uttarbhadrapad
Diksha Sathi ——————–  1000
Shadhak Jeevan —————-15,00,000 purva
Age Lived ———————— 60,00,000
Lakshan Sign ——————- Shukar
Neervan Place —————— Sammed Sheekarji
Neervan Sathi ——————-6000
Neervan Thithi —————–Aashad ku 7


***** जिन दर्शन स्तुति (Jin Darshan Stuti)*****

वायाविसालं विमलेसनाहं ,

कल्लाणवल्लीवरवारिवाहं |

वंदे विवेगेण विसेसणानं ,

सव्वत्थ लोए वरंद दियानं |

इसका अर्थ है : वाणी से विशाल , कल्याण रुपी लता के लिए क्षेष्ठ मेघ समान (उन) विशेष ज्ञान वाले तथा (जो) दातारों में सर्वलोक में शेष्ठ ऐसे विमलनाथ प्रभु को विवेक से वंदन करता हूँ|