श्री पोसीना पार्श्वनाथ

श्री पोसीना पार्श्वनाथ – नाना पोसीना

 

गुजरात के साबरकांठा जिले में नाना पोसिना गाँव में भव्य शिखर बद्ध जिनालय में श्री पोसीना पार्श्वनाथ प्रभुबिराज्मान है| ये प्रतिमाजी ३१ इंच ऊँचे व २९ इंच चौड़े है| इस तीर्थ का इतिहास रोमांचक है|

१२ सदी के पूर्व की घटना है| एक भरमान खेत में हल चला रहा था, अचानक कंथेर वृक्ष के नीचे वह हल फंस गया| कुतुहल प्रिय ब्रहमान ने वहां जांच की तो जमीन खोदने पर उसे ३१ इंच की मनोहर प्रतिमा प्राप्त हुई| ब्रह्माण प्रभु के दर्शन कर गद्गद् हो गया| उसने सोचा , “यह प्रतिमाजी यहाँ रखने उचित नहीं है|” उसने वह प्रतिमा जैन संघ को अर्पित की| श्री संघ ने वहां भव्य जिनालय बनवाया और प्रभुजी की प्रतिष्ठा की|

उसके बाद श्री कुमारपाल राजा ने वहाँ भव्य जिनालय बनाया| कालक्रम से उसे मंदिर के स्नेक बार जिणोरद्वार भी हुए|

इस जिनालय में रहे अन्य जिनबिंबो पर वि.सं. १२०१ आदि के लेख है|

इडर संघ की पेढ़ी, सेठ आनंदजी मंगलजी पेढ़ी इस तीर्थ की व्यवस्था करती है|