श्री जगवल्लभ पार्श्वनाथ

श्री जगवल्लभ पार्श्वनाथ – श्री कुम्भोजगिरी

 

सही प्राचीनता का पता लगाना मुश्किल है, लेकिन इस मंदिर का उद्धार वीर नि.सं. २०३५ (विक्रम संवत् १६२६) माघ शुक्ला ७ को हुआ था|

श्वेताम्बर समुदाय इसे दक्षिण महाराष्ट्र का शत्रुंजय मानते है| कार्तिक पूर्णिमा, चैत्र पूर्णिमा व पोष कृष्ण १० को यहाँ पर मेला लगता है| उन अवसरों पर हजारों भक्तगण भाग लेकर प्रभु भक्ति का लाभ लेते है|