श्री कोका पार्श्वनाथ

श्री कोका पार्श्वनाथ –  पाटण

 

उत्तर गुजरात पाटण शहर के कोका नो पाडो विभाग में श्री कोका पार्श्वनाथ का भव्य जिनालय है| प्रतिमाजी ३५ इंच ऊँचे है|

मलधारी श्री हेमचन्द्रसूरी म.सा. के समय में कोका सेठ द्वारा जगह पर जिन मंदिर का निर्माण हुआ और उस सेठ का नाम उस मंदिर से जुड़ गया| कालांतर से वे ही पार्श्वनाथ कोका पार्श्वनाथ के नाम से प्रख्यात हो गए|

कुछ वर्षो बाद दुश्मनों के आक्रमण से पाटण का यह मंदिर भी ध्वस्त हो गया| वह मूर्ति भी खंडित हो गई|

उसके बाद उस मंदिर के जिणोरद्वार के लिए रामदेव व आशाधर ने अपना प्रयत्न प्रारम्भ किया| आरासण की खान में से पत्थर निकालकर उसमे से जिन प्रतिमा बनाने के प्रयत्न २-२ बार निष्फल गए| तत्पश्चात रामदेव ने कठोर अभिग्रह धारण किया| ८ वे उपवास के दिन शासनदेव ने कार्य की सफलता के लिए आश्वासन दिया| मंदिर के पास की ही भूमि खोदने पर संगमरमर के तीन टुकड़े प्राप्त हुए| उसी में से नवीन प्रतिमा का निर्माण किया गया| वि.सं. १२६२ में देवानन्दसूरीजी के हस्तों से प्रभुजी की प्रतिष्ठा विधि संपन्न हुई, वे प्रतिमाजी भी कोका पार्श्वनाथ के नाम से ही प्रख्यात है|