श्री दोकडीया पार्श्वनाथ

श्री दोकडीया पार्श्वनाथ – प्रभास पाटण

 

जूनागढ़ जिले में प्रभास पाटण में चन्द्रप्रभस्वामीजी का सुप्रसिद्ध तीर्थ है| नै गंभारे और पांच शिखर से युक्त यह तीर्थ अत्यंत ही मनोहर है| मुलनायक चंद्रप्रभस्वामी के मंदिर के बाई और गम्भारे में कृष्ण वर्णीय दोकडीया पार्श्वनाथ बिराजमान है|

प्रभु के नाम के साथ एक मनोहर कथा जुडी हुई है| एक भाग्यशाली नियमित रूप से प्रभात के लिए जाता| उस समय उसे प्रभु की पलांठी में एक दोकडा सिक्का प्राप्त होता था, यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा| एक बार प्रभु के चमत्कार की घटना गुप्त न रख सका और उसने वह बात दुसरो को कह दी| परिणाम-स्वरुप दुसरे दिन जब वह वहां पहुँचा तो प्रभु की पलांठी में वह सिक्का चिपका हुआ था| आज भी वह सिक्का चिपका हुआ है|

इस घटना के अनुसार ही प्रभु का नाम दोकडीया पार्श्वनाथ के नाम से प्रक्यात हुआ|