श्री प्रगट प्रभावी पार्श्वनाथ

श्री प्रगट प्रभावी पार्श्वनाथ – डभोई

 

बड़ोदा जिले के डभोई नगर के श्री ऋषभदेव प्रभु के जिनालय के भोयंरे में प्रगट प्रभावी पार्श्वनाथ बिराजमान है| पीत-पाषण से निर्मित अर्द्ध पद्मासन में रही यह प्रतिमा ३३ इंच ऊँची और २६ इंच चौड़ी है|

इस प्रतिमाजी के प्रागटीकारन के पीछे एक गर्भित रहस्य है|

एक बार एक धोबी को स्वप्न में जिनबिंब के दर्शन हुए थे| स्वप्न में जिन बिंब के दर्शन हुए थे| स्वप्न में प्राप्त संकेतनुसार डभोई गाँव के समीप संखोड़ा व बादरपुर गाँव के बीच रही ओरसंग नदी में से ये प्रतिमाजी प्राप्त हुए थे, जो अत्यंत ही प्राचीन है|

पू. आ. श्री मुनिचंद्रसूरीश्वर्जी म.सा. का जन्म इसी नगरी में हुआ था तथा महोपाध्याय श्री यशोविजयजी म.सा. का कालधर्म वि.सं. ११७४३ में इसी नगरी में हुआ था|