श्री कल्याण पार्श्वनाथ

श्री कल्याण पार्श्वनाथ – विसनगर

 

वीसनागर में कदा दरवाजे के पास त्रिमंजिला शिखरबद्ध जिनालय है| मुलनायक के रूप में श्री कल्याण पार्श्वनाथ प्रभु बिराजमान है| सात फनों से मुक्त श्वेत वर्णीय १९ इंच ऊँचे व १५ इंच चौड़े ये प्रतिमाजी है|

१२वि सदी में महेसाजी चावड़ा ने मेहसाणा नगर बसाया, वहां कल्याण पार्श्वनाथ का मंदिर था| विक्रम की १४-१५ वि सदी में मुस्लिमों के आक्रमण के कारण यह मंदिर नष्ट हुआ किंतु उस प्रतिमा को कुँए में सुरक्षित उतार दी गई| उसके बाद यह प्रतिमा मेहसाना में कोडी कुँए में से प्रगट हुई| जिसे वीसनगर लाकर प्रतिष्टित की गई|

वीसनगर के इस जिनालय की प्रतिष्ठा वि.सं. १८६३ फागुन सुदी ३ के दिन हुई थी|