श्री संकट हरण पार्श्वनाथ – जैसलमेर

श्री संकट हरण पार्श्वनाथ – जैसलमेर

 

भक्तजनों के ब्राह्म अभ्यंतर संकटों को दूर करनेवाले ये पार्श्वनाथ प्रभु ६ “चोदे व ६” ऊँचे है| प्रभुजी के मस्तक पर पांच फने है|

प्राचीन काल से ही जैसलमेर एक तीर्थ के रूप में प्रसीध है| पहले यहाँ ८४ गच्छ के ८४ उपाश्रय थे|

जैसलमेर शहर के कोठारी पादे में सुपार्श्वनाथ प्रभु का दो मंजिला मंदिर है| इस मंदिर के तलगृह में दो गर्भगृह है| जिसमे सुपार्श्वनाथ स्वामी और सीमंधर स्वामी मुलनायक के रूप में है|

इस मंदिर के ऊपर के गंभारे(गर्भगृह) में श्री गोडी पार्श्वनाथजी व श्री संकट हरण पार्श्वनाथ प्रभु विराजमान है|

इस मंदिर की प्रतिष्ठा वि.सं. १८६८ वैशाख सुदी ३ के दिन हुई थी|